शेयर क्या होता है और कितने प्रकार के होता है?

अखबारों या न्यूज़ मीडिया में आपने अक्सर सुना या पढ़ा होगा शेयर मार्केट के बारे में और शायद आप यह भी जानते होंगे की शेयर मार्केट क्या होता है लेकिन आपके मन में ये सवाल जरूर उठा होगा आखिर ये शेयर क्या है और शेयर कितने प्रकार होते है यदि आप जानना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढ़िए इस लेख में आपको शेयर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी है।

शेयर का क्या मीनिंग होता है?

शेयर का मीनिंग होता है - किसी वस्तु या पूंजी को दो या दो से अधिक भागो में बाटने या हिस्सा लगाने को शेयर बोलते है।

शेयर क्या होता है?

शेयर किसी कंपनी की पूंजी का एक सबसे छोटा हिस्सा होता है जैसे उदाहरण के लिए मान लीजिये किसी ABC कंपनी कुल पूंजी है 100 रूपये है और अब इस ABC कंपनी के कुल पूंजी को 100 भागो में बाट दिया जाए तो हर भाग अपने आप में एक शेयर कहलायेंगे।

इस तरह से अब ABC कंपनी में कुल 100 शेयर होंगे जिसमे हर एक शेयर की कीमत होगी 1 रूपये और जिसके पास जितने शेयर होंगे वो उस कंपनी में उतने प्रतिशत का मालिक बन जायेगा जैसे मान लीजिये आप ABC कंपनी के 30 शेयर खरीद लेते है तो आप ABC कंपनी के 30 प्रतिशत के मालिक बन जायेंगे क्युकी उस कंपनी के 100 शेयर में से 30 शेयर आपके पास है।

शेयर कितने प्रकार के होते है?

जब हम किसी कंपनी का शेयर खरीदते है तो उस कंपनी कुछ प्रतिशत हिस्सेदार या मालिक बन जाते है लेकिन क्या आपको पता है शेयर कितने प्रकार के होते है, अगर नहीं तो मै बता दू शेयर तीन प्रकार के होते है।
  1. Equity Share या Ordinary Share (इक्विटी शेयर या आर्डिनरी शेयर)
  2. Preference Share (परेफरेंस शेयर )
  3. DVR(Differential voting rights) Share (डी वी आर शेयर )

Equity Share - इक्विटी शेयर क्या है?

Equity Share या Ordinary Share को हम common stock भी बोलते है, Equity Share में कंपनी में भागीदारी के साथ-साथ शेयर होल्डर्स को वोटिंग का अधिकार भी मिलता है और इन्हे डिविडेंट फिक्स रेट पे नहीं मिलता है।

कंपनी जितना प्रॉफिट कमाती है उसके हिसाब से डिविडेंट मिलता है यदि कंपनी को कोई भी प्रॉफिट नहीं हुआ तो डिविडेंट भी नहीं मिलेगा।

Equity Share को वापस कंपनी में नहीं बेचा जा सकता है लेकिन कंपनी अगर अपना Equity Share खरीदना चाहती हो तो इसे कंपनी को वापस बेचा जा सकता है और इस शेयर से ट्रेड कर सकते है और इस शेयर को शेयर मार्केट में किसी दूसरे खरीदार को बेच सकते है।

Preference Share - परेफरेंस शेयर क्या है?

Preference Share में शेयर होल्डर को वोटिंग का अधिकार नहीं मिलता है लेकिन इन्हे फिक्स रेट में डिविडेंट मिलता है कंपनी को जब भी प्रॉफिट होता है तो कंपनी पहले Preference Shares होल्डरों को डिविडेंट देगी बाद में Equity Share या Ordinary Share होल्डरों को देगी।

Preference Share को शेयर मार्केट में ट्रेड नहीं किया जाता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की Preference Share को बेचा नहीं जा सकता एक निश्चित समय अवधि के बाद शेयर होल्डर Preference Share को वापस कंपनी को बेच सकता है।

DVR Share (डी वी आर शेयर क्या है?)

DVR Share सामान्य रूप से Equity Share के जैसे ही होते है लेकिन इसमें बस फर्क ये होता है की Equity Share में जैसे शेयर होल्डर्स को वोटिंग का अधिकार भी मिलता है उस तरह से DVR Share में शेयर होल्डर्स को वोटिंग का अधिकार नहीं मिलता है।

लेकिन ऐसा भी नहीं है की DVR Share के शेयर होल्डर्स वोटिंग कर ही नहीं सकते यदि कंपनी इन्हे वोटिंग का अधिकार देती है तब ये वोटिंग कर सकते है।

कंपनी शेयर क्यों बेचती है?

जब कंपनी अपने व्यापर को और भी बढ़ाना चाहती है तो उस कंपनी को ज्यादा पैसो की जरुरत पड़ती है और बैंक से उतना लोन या तो नहीं मिलता है या मिलता भी है तो व्यापारी उस लोन को लेना नहीं पसंद करते है तो व्यापरी अपना IPO (Initial public offer) लांच करती है जिसमे वो अपने कंपनी के शेयर बेचते है बेचे गए शेयर से फिर कंपनी अपना व्यापर बढाती है इसी कारण से कंपनी के मालिक अपना शेयर बेचते है।

शेयर होल्डिंग क्या होता है?

जब कोई व्यक्ति शेयर मार्केट से शेयर खरीदता है और उस शेयर को कई दिनों तक होल्ड करके रखता है तो उसे शेयर होल्डिंग बोलते है।

शेयर कैसे खरीदते है?

शेयर खरीदने से पहले आपको यह सीखना चाहिए की कैसी कंपनी का शेयर खरीदना चाहिए आपको शेयर मार्केट का पूरा गणित समझ कर शेयर खरीदना चाहिए यदि आप समझ भुझ कर सही कंपनी का शेयर नहीं लेते है तो आपके पैसे डूब सकते है।

शेयर मार्केट से शेयर खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरुरी है क्युकी आप जो भी शेयर खरीदेंगे वो शेयर आपके डीमैट अकाउंट में सेव रहते है।

डीमैट अकाउंट खुलवाने के बाद आप बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से शेयर खरीद और बेच सकते है।